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बदायूं। बदायूं जिले में अरिल और रामगंगा नदी में रविवार रात एकाएक जलस्तर बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हो गया। नदियों की बाढ़ का पानी खेतों में होते हुए गांव तक पहुंच गया। तहसील मुख्यालय से गांव को जोड़ने वाली सड़कें पानी में डूब गईं। आवागमन जारी रखने के लिए प्रशासन ने यहां नाव चलाई। बाढ़ से करीब 16 गांवों में आने-जाने का रास्ता नहीं बचा है। नगरिया खनू और विहारीपुर में कटान की वजह से तीन सौ बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है। साथ ही दोनों गांवों के वजूद पर भी खतरा मंडरा रहा है। रविवार रात को एकाएक जलस्तर बढ़ने से रामगंगा के किनारे बसे 16 गांव चौतरफा पानी से घिर गए। इन गांवों के लिए बची एक मात्र सड़क भी बाढ़ के पानी में बह गई। इससे आवागमन ठप हो गया। करीब 50 हजार लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। इसके अलावा रामगंगा की बाढ़ से लालपुर खादर से गढि़या रंगीन, हजरतपुर से लालपुर खादर, नगरिया खनू से लालपुर खादर के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। अरिल नदी में बाढ़ आने से गढि़या शाहपुर से हर्रेनगला मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। यहां सड़कों पर चार से पांच फुट पानी है। कुछ लोग नाव और ट्यूब के सहारे निकल रहे थे। बाढ़ के कारण कटान भी शुरू हो गया। नगरिया खनू और विहारीपुर गांव के बाहर कटान में तीन सौ बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है।