Delhi Air Pollution: कल गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती हवा, ग्रैप के चलते 5वीं तक हाइब्रिड मोड में चलेंगी कक्षाएं

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नई दिल्ली। राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति कम होने के साथ ही वायु गुणवत्ता एक बार फिर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। इससे लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन महसूस होने लगी है। एक तरफ तापमान गिरने से ठंड और दूसरी तरफ प्रदूषण की मार लोगों पर पड़ रही है। सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 379 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में है। इसमें रविवार की तुलना में 84 सूचकांक की वृद्धि हुई है। वहीं, यह इस माह का सबसे अधिक एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। उधर, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर के स्कूलों और कॉलेजों में ग्रैप-3 के तहत कक्षा पांच तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में संचालित की जाएंगी। वायु प्रदूषण की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए सीएक्यूएम ने ग्रेप-तीन लागू कर दिया है। ऐसे में तत्काल प्रभाव से कई प्रतिबंध लागू हो गए हैं। ऐसे में कक्षा पांचवीं तक की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में संचालित की जाएगी। वहीं, निर्माण से लेकर विध्वंस कार्य पर प्रतिबंध लग गया है। यही नहीं, बीएस छह डीजल इंजन, इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को छोड़कर एनसीआर के रास्ते दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी है। हालांकि, इसमें दिव्यांग लोगों को छूट मिलेगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार से हवा बेहद गंभीर श्रेणी में रह सकती है। कमोबेश यही स्थिति अगले छह दिनों तक रह सकती है। अगर गंभीर श्रेणी में हवा पहुंचती है तो ग्रेप-चार भी लागू किया जा सकता है।
एनसीआर में दिल्ली के बाद सबसे अधिक हवा ग्रेटर नोएडा खराब रही। यहां एक्यूआई 358 दर्ज किया गया। जबकि, गाजियाबाद में 324, नोएडा में 323, गुरुग्राम में 291 व फरीदाबाद में 194 एक्यूआई रहा। सोमवार को हवा विभिन्न दिशा से छह किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलीं। शाम को हवा की गति चार किलोमीटर प्रतिघंटे हो गई। ऐसे में प्रदूषक संघन हो गए। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार आनंद विहार, अशोक विहार व वजीरपुर सहित 15 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जबकि आया नगर, डीटीयू समेत 14 इलाकों में खराब श्रेणी में हवा रही। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक वेंटिलेशन इंडेक्स 200 वर्ग मीटर रही। यह औसत से कम है। वहीं, अगले 24 घंटे में यह 500 वर्ग मीटर दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा मिक्सिंग डेप्थ 600 मीटर रही।

ग्रेप-3 (एक्यूआई 401 से 450)

-बड़े वेल्डिंग और गैस कटिंग के काम नहीं हो सकेंगे। लेकिन छोटे वेल्डिंग काम जैसे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग के काम को छूट दी गई है।
-सीमेंट, प्लास्टर और अन्य कोटिंग का काम नहीं हो सकेगा लेकिन छोटे इंडोर रिपेयर और मेंटेनेंस कार्य किए जा सकेंगे।
-टाइल्स, स्टोंस और अन्य फ्लोर मटेरियल की कटिंग, ग्राइनडिंग और फिक्सिंग का काम नहीं हो सकेगा, लेकिन छोटे इंडोर रिपेयर और मेंटेनेंस के काम किए जा सकेंगे।
-वाटर प्रूफिंग के काम नहीं हो सकेंगे, लेकिन केमिकल वाटर प्रूफिंग कर सकेंगे।
-धूल पैदा करने वाले सामान जैसे सीमेंट, फ्लाई ऐश, ईंट, मिट्टी, क्रशड स्टोन आदि की लोडिंग-अनलोडिंग प्रोजेक्ट साइट के अंदर या बाहर हो सकेगी।
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