दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा में चुनाव 5 फरवरी को सिंगल फेज में होगा। रिजल्ट 8 फरवरी को आएगा। यह जानकारी चुनाव आयोग ने दी। इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों पर 30 मिनट तक फैक्ट्स के साथ सफाई दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोटर्स बढ़ाने, खास वर्ग को टारगेट करने के आरोप गलत हैं। चुनावी प्रक्रिया को खत्म करने में वक्त लगता है। यह सब एक तय प्रोटोकॉल के तहत होता है। चुनाव में 85 वर्ष से अधिक आयु के तथा दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा रहेगी। मतदान में आसानी के लिए मतदान केंद्रों पर स्वयंसेवक, व्हीलचेयर तथा रैंप बनाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को नसीहत भी दी। चुनाव प्रचार में भाषा का ख्याल रखें। महिलाओं के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल न करें।
पांच फरवरी को मतदान होगा
दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें पर चुनाव आयोग ने तारीखों का एलान कर दिया है। दिल्ली में एक चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। पांच फरवरी को मतदान होगा। जबकि आठ फरवरी को मतगणना होगी।
13 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ’
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 13 हजार से ज्यादा पोलिंग बूथ हैं। दिल्ली में कुल एक करोड़ 55,24,858 मतदाता हैं। इसमें पुरुष मतदाता 85,49,645 हैं, जबकि 71,73,952 महिला मतदाता हैं।
शक का इलाज किसी के पास नहीं
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि मतदाता मतदान में हेराफेरी का हौवा है। शाम पांच बजे के बाद वीटीर में वृद्धि पर गलत बयानबाजी है। लोकसभा और महाराष्ट्र चुनाव में करोड़ों मतदाताओं के नाम गलत तरीके से जोड़े जाने के आरोप लगे। शक का इलाज किसी के पास नहीं है। वोटिंग पर झूठ के गुब्बारे न उड़ाएं। गड़बड़ी की शिकायत का हम जवाब देंगे। चुनाव को लेकर शंकाओं को खारिज करते हैं। चुनाव हम सबकी साझा विरासत है।
EVM से छेड़छाड़ के आरोप निराधार हैं
मुख्य चुनाव अधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि EVM मतगणना के लिए पूर्णतया सुरक्षित हैं। EVM से छेड़छाड़ के आरोप निराधार हैं, हम अब इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते VVPAT प्रणाली वाली EVM मतदान प्रणाली की सटीकता सुनिश्चित करती है। पुराने पेपर बैलट की वापसी अनुचित और प्रतिगामी है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पटरी से उतारना है।