मुंबई हमलों का दोषी आतंकी राणा को भारत लाने की तैयारी तेज
भारत उसके आत्मसमर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों से कर रहा बात
नई दिल्ली। 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत लाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। जनवरी में अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी और अब भारत उसके आत्मसमर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों से बात कर रहा है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने राणा के प्रत्यर्पण पर जानकारी देते हुए कहा कि राणा ने अमेरिका में सभी कानूनी रास्ते आजमा लिए हैं, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी अपील खारिज कर दी है। इसलिए हम अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि राणा भारतीय अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दे। 21 जनवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की समीक्षा याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उसके भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया। भारत ने पहले भी कहा था कि वह राणा के शीघ्र प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ काम कर रहा है।
बता दें कनाडाई बिजनेसमैन तहव्वुर राणा पर आरोप है कि उसने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसे लेकर भारत ने अमेरिकी एजेंसियों के साथ जानकारी शेयर की थी जो लोवर कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गईं। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने भारत की तरफ से दिए सबूतों को स्वीकार कर राणा की याचिका खारिज की और उसके भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी। इससे पहले वह सैन फ्रांसिस्को में उत्तरी सर्किट के लिए अमेरिकी अपील कोर्ट समेत कई अदालतों में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील कर चुका था लेकिन हर जगह उसकी अपील खारिज कर दी गई। राणा फिलहाल मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में है।
मुंबई पुलिस ने 2008 में 22/11 आतंकी हमलों को लेकर जो चार्जशीट दायर की थी उसमें राणा प्रमुख आरोपी है। राणा पर आरोप है कि वह आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। राणा ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली की भी मदद की थी। चार्जशीट में मुंबई पुलिस ने राणा पर आरोप लगाए कि उसने हमले के स्थान की रेकी की और उसका खाका तैयार कर पाकिस्तानी आतंकवादियों को सौंपा था।