बाबा महाकाल के 10 दिवसीय उत्सव के विशेष श्रृंगार
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- 17 फरवरी (सोमवार) – वस्त्र धारण: शिव नवरात्रि के पहले दिन बाबा महाकाल का चंदन से श्रृंगार किया जाएगा।
- 18 फरवरी (मंगलवार) – दूसरा दिन: बाबा महाकाल का चंदन से श्रृंगार किया जाएगा।
- 19 फरवरी (बुधवार) – शेषनाग स्वरूप: बाबा महाकाल का शेषनाग रूप में श्रृंगार किया जाएगा।
- 20 फरवरी (गुरुवार) – घटाटोप स्वरूप: बाबा महाकाल भक्तों को घटाटोप रूप में दर्शन देंगे।
- 21 फरवरी (शुक्रवार) – छबीना स्वरूप: बाबा महाकाल का छबीना श्रृंगार किया जाएगा, जो कि एक राजकुमार की तरह होगा।
- 22 फरवरी (शनिवार) – होल्कर स्वरूप: इस दिन बाबा महाकाल को होल्कर परंपराओं के अनुसार सजाया जाएगा।
- 23 फरवरी (रविवार) – मनमहेश स्वरूप: बाबा महाकाल को मनमहेश के रूप में सजाया जाएगा।
- 24 फरवरी (सोमवार) – उमा महेश स्वरूप: बाबा महाकाल माता पार्वती के साथ उमा-महेश रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।
- 25 फरवरी (मंगलवार) – शिव तांडव स्वरूप: बाबा महाकाल शिव तांडव रूप में भक्तों को दर्शन देंगे।
- 26 फरवरी (बुधवार) – निराकार स्वरूप: शिव नवरात्रि के अंतिम दिन बाबा महाकाल को दूल्हे के रूप में सजाया जाएगा। इस दिन कई क्विंटल फूलों का सेहरा बाबा को पहनाया जाएगा।
10 दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व के दौरान कार्यक्रम
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस वर्ष शिव नवरात्रि पर्व के 10 दिवसीय आयोजन की शुरुआत आज 17 फरवरी से हो गई है। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक भगवान का नौ रूपों में आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। सुबह 8 बजे पुजारी कोटि तीर्थ कुंड के समीप स्थित श्री कोटेश्वर महादेव का अभिषेक-पूजन कर हल्दी चढ़ाएंगे। करीब डेढ़ घंटे के पूजन के उपरांत सुबह 9:30 बजे से गर्भगृह में भगवान महाकाल की पूजा होगी। पुजारी भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद 11 ब्राह्मणों द्वारा रुद्रपाठ किया जाएगा। दोपहर 1 बजे भोग आरती होगी। तीन बजे संध्या पूजा के बाद 10 दिन तक भगवान का अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा।