चंदौली। हर साल संक्राति के आसपास पतंगबाजी के चलते चीनी मांझा लोगों की जान का दुश्मन बनता है। इस बार भी एक सप्ताह के भीतर चंदौली में 5 लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं में स्थानीय निवासी, पूर्व प्रधान, पत्रकार, शिक्षक और बच्चे शामिल हैं। मुगलसराय के नींबूपुर गांव के पूर्व प्रधान सुनील यादव उर्फ देवता की गर्दन पर चीनी मांझे से गहरी चोट लगी, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। इसी प्रकार, पूर्व पत्रकार सुजीत कुमार वाराणसी जाते समय चीनी मांझे की चपेट में आए और उनका गला गंभीर रूप से कट गया। उन्हें वाराणसी के सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ चंदौली के महासचिव कुमार नंद भी इस मांझे की चपेट में आए। जीटीआर ब्रिज के पास उनकी बाइक के गले में चीनी मांझा फंस गया। हालांकि, मफलर पहनने के कारण उन्हें गंभीर चोट से बचाव हो गया। इलाज के बाद वह घर लौट गए। इसके अलावा, शिक्षक दानिश परवेज और सकलडीहा के आयुष नामक 11 वर्षीय बालक भी इस खतरनाक मांझे का शिकार हुए। दोनों के गले और नाक पर चोटें आईं, लेकिन उनकी स्थिति सामान्य है। आयुष को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ितों में से एक, बॉक्सिंग कोच कुमार नंद ने बताया कि जब वह स्टेशन से लौट रहे थे, तो चीनी मांझे ने उनके गले और हाथ पर गहरे जख्म कर दिए। यह घटना इतनी अप्रत्याशित थी कि शुरुआत में लोग समझ नहीं पा रहे थे कि ये चोटें कैसे हो रही हैं।
लगातार हो रही घटनाओं के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान तेज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू की है, लेकिन अभी तक इस चीनी मांझे के फैलाव और उपयोग के स्रोत का खुलासा नहीं हो सका है।
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