टैक्स वसूली पर मिलेगा मानदेय
नगर पालिका अपने क्षेत्र के 39 वार्डों में बकायादारों से टैक्स वसूली किन्नरों से कराएगी। टीम में अब तक नौ किन्नर (थर्ड जेंडर) चिह्नित भी हो चुके हैं। इन्हें राजस्व वसूली के लिए पालिका मानदेय या वसूली में प्रतिशत के आधार पर भुगतान करने की योजना बना रही है। हालांकि, इस काम में शुरुआती दौर में कुछ परेशानी यह भी आ सकती है कि किन्नर जब अपने प्रमुख काम से फ्री रहेंगे, तभी वह टैक्स वसूली में अपना पूरा योगदान दे सकते हैं। दमोह शहर में किन्नरों की संख्या करीब दस के आसपास है। नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा ने बताया, इस काम से किन्नरों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। वे समाज से जुड़ेंगे और नपा के राजस्व को भी बढ़ाने में मदद करेंगे। हम उन्हें नियमों पर कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित भी करेंगे। सीएमओ ने बताया कि दिव्यांग और महिला स्व सहायता समूहों को भी इसी प्रकार से कुछ काम में लिया जा रहा है।
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दमोह। शादी, विवाह और बच्चों के जन्म होने पर लोगों के घर जाकर दुआएं देकर लोगों से शगुन लेने वाले किन्नर जल्द ही दमोह नगर पालिका के बड़े बकायादारों से टैक्स वसूलते दिखाई देंगे। राजस्व वसूली में नगर पालिका के कर्मचारी उतना टैक्स नहीं वसूल पा रहे, जितने की जरूरत है। इसे देखते हुए दमोह नगर पालिका यह नई कवायद शुरू करने जा रहा है। बता दें कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले एक दो महीने में शहर में किन्नर टीम कर्मचारियों के साथ राजस्व वसूलते नजर आएगी। दरअसल, शहरी क्षेत्र में करीब 40 करोड़ से अधिक टैक्स (जल एवं भूमि कर) बकाया है। वसूली में नगर पालिका की राजस्व टीम को बकायादार उन्हें चक्कर कटवा रहे हैं, जिसे देखते हुए नपा अपने इस प्रयास से वसूली को प्रभावी बनाने के साथ ही किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करेगा।