शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान: पंधेर बोले- 12 दिन से चल रही है भूख हड़ताल, कल दोपहर 12 बजे दिल्ली रवाना होगा जत्था

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पंजाब। किसानों के मुद्दों को लेकर शंभू बॉर्डर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन 12वें दिन भी जारी है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों के साथ हो रही क्रूरता को लेकर अब और चुप नहीं बैठा जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि बुधवार को दोपहर 12 बजे 101 किसानों का एक जत्था शांतिपूर्वक तरीके से दिल्ली के लिए रवाना होगा। सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारी भूख हड़ताल ने 12वें दिन में प्रवेश कर लिया है। यह संघर्ष हमारे अधिकारों और न्याय के लिए है। हमारा जत्था शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा और सुनिश्चित करेगा कि किसी भी नियम का उल्लंघन न हो। सरकार ने पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए हरियाणा-पंजाब सीमा के टटियाना बॉर्डर पर दूसरे दिन भी पहरा बरकरार रहा। यहां पर हरियाणा पुलिस के जवान को तैनात किया गया है। हालांकि बॉर्डर पर दूसरे दिन भी किसानों की किसी तरह की कोई हलचल न होने पर रास्ते को बंद नहीं किया है, लेकिन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। फरवरी में किसानों को रोकने के लिए टटियाना बॉर्डर पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उस समय घग्गर नदी पुल पर किसानों को रोकने के लिए घग्गर नदी पुल पर कीलें, सरिए, सीमेंट के भारी ब्लॉक, बुलडोजर, रोड रोलर और बैरिकेडिंग की गई थी। करीब डेढ़ महीने के बाद रास्ते को खोला गया था। अब करीब आठ महीने बाद दोबारा किसानों को रोकने की स्थिति उत्पन्न हुई तो सरकार ने बॉर्डर पर दोबारा पहरा लगा दिया है। उधर, पंजाब की तरफ से किसानों की कोई हलचल नहीं है। 
अब की बार बदला है किसान आंदोलन का स्वरूप
इस बार किसान आंदोलन का स्वरूप बदल रहा है। पिछली बार किसान ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर देश की राजधानी दिल्ली में जाना चाहते थे, लेकिन इस बार पिछले लंबे समय से हरियाणा पंजाब के शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान पैदल ही दिल्ली कूच करने का ऐलान कर चुके हैं। पैदल जाने वाले किसानों को भी दिल्ली में आंदोलन करने की अनुमति फिलहाल नहीं मिली है। टटियाना बॉर्डर पर भी हालत फिलहाल सामान्य ही दिखाई दे रहे हैं। दोनों तरफ से वाहनों का आगमन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
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