JABALPUR: हाई कोर्ट ने कोठारी व एप्पल अस्पताल को जारी किए नोटिस

सभी नियम विरूद्ध अस्पतालों की अद्यतन एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

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जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने अवैध पंजीयन के आरोप के प्रकरण में जबलपुर के कोठारी व एप्पल अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है।
जनहित याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी विनय डेविड व प्रशांत वैश्य की ओर से अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने र दलील दी कि कोठारी व एप्पल अस्पताल को पंजीयन प्राप्ति हेतु आवश्यक दस्तावेज न होने पर भी अवैध रूप से पंजीयन प्रदान किया गया। लिहाजा, पंजीयन निरस्त करने के निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित करने कहा जाए। उप महाधिवक्ता बीडी सिंह ने कोर्ट में दस्तावेज पेश कर बताया गया कि शिकायत मिलने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्यवाही जारी है। विगत दिनों कोठारी अस्पताल तथा एप्पल अस्पताल के पंजीयन निरस्त किए गए हैं। शासन द्वारा ऐसे अस्पतालों के विरूद्ध कार्यवाही जारी रहेगी। हाई कोर्ट ने मामले में शहर में संचालित सभी नियम विरूद्ध अस्पतालों की अद्यतन एक्शन टेकन रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।

सरकार की ओर से प्राप्त किए गए नोटिस
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की अोर से उप महाधिवक्ता बीडी सिंह ने राज्य शासन व सीएमएचओ, जबलपुर व भोपाल की ओर से नोटिस प्राप्त किए। जबकि शेष अनावेदकों को स्पीड पोस्ट, आर्डनरी पोस्ट और हमदस्त आदि सभी तरीकों से नोटिस भेजने के निर्देश जारी कर दिए गए। कोर्ट ने मप्र शासन, नगर निगम, सीएमएचओ, कोठारी अस्पताल, एप्पल अस्पताल और हैदराबाद ओमेगा अस्पताल को चार सप्ताह के भीतर जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

अन्य जनहित याचिका के साथ सुनवाई की व्यवस्था दी 
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता अमिताभ गुप्ता ने जनहित याचिका को एक अन्य जनहित याचिका के साथ सूचीबद्ध व लिंक करने की मांग की। जिस पर न्यायालय के द्वारा दोनों याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की व्यवस्था भी दे दी।

फर्जी दस्तावेज पेश कर लिया पंजीयन 
हाई कोर्ट को अवगत कराया गया कि जबलपुर के कोठारी अस्पताल को 100 विस्तरीय अस्पताल संचालन हेतु सीएमएचओ, जबलपुर द्वारा अनुमति जारी की गई थी जबकि कोठारी अस्पताल के पास नगर निगम से फायर एनओसी और कार्यपूर्णता प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है। कोठारी अस्पताल के संबंध में नगर निगम ने सीएमएचओ को अवगत कराया था कि उक्त प्लाट को मूल रूप से आवासीय उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया था, जिसके विपरीत, भवन का उपयोग अस्पताल के रूप में किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा नक्शा स्वाकृति के विपरीत सभी खुले रखने योग्य स्थानों में अवैध रूप से निर्माण किया गया और अग्नि सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं। अग्निशमन अधिकारी के द्वारा सीएमएचओ जबलपुर को उक्त अस्पताल में वैकल्पिक अग्नि निकास की अनुपलब्धता और दमकल की गाड़ियों की आवाजाही के लिए भवन के चारों ओर अनिवार्य 3.6 मीटर खाली स्थान की कमी के बारे में भी सूचित किया गया था। टीएनसीपी द्वारा सीएमएचओ जबलपुर को बताया गया था कि कोठारी अस्पताल को विकास अनुमति नहीं जारी की गई। इसके बाद भी अनुपयुक्त और अवैध रूप से निर्मित आवासीय भवन में कोठारी अस्पताल संचालन करने की अनुमति देने और अग्नि सुरक्षा हेतु वैकल्पिक अग्नि निकास की अनुपस्थिति और दमकल की आवाजाही के लिए 3.6 मीटर की खाली जगह न होने से रोगी सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी तरह एप्पल अस्पताल संस्थागत की जगह आवासीय स्वीकृति वाले भवन में चल रहा है जिसके द्वारा फर्जी कूटरचित फायर एनओसी प्रस्तुत कर सीएमएचओ, जबलपुर से अस्पताल संचालन हेतु पंजीयन प्राप्त किया है।

 

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