जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की डिविजनल बेंच द्वारा सहायक अभियंता पर्यावरण की भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया हैं। दरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ द्वारा मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड के द्वार सहायक अभियंता पर्यावरण की भर्ती गेट स्कोर से ना करवाके कर्मचारी चयन बोर्ड द्वार करवाएं हेतु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेशित किया हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज शर्मा, सोमेश अवस्थी अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित होकर पक्ष रखा।
मप्र प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड से किया था संपर्क
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने बतया की चयन के लिए खुली परीक्षा आयोजित करने के लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड से संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया और इसलिए, भर्ती के वैकल्पिक तरीके के रूप में गेट स्कोरकार्ड मानदंड को अपनाया गया। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता सुश्री जान्हवी पंडित ने प्रस्तुत किया कि दिनांक 16.04.2024 के नोटशीट पर आधारित उनके निर्देशों के मद्देनजर, राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से भर्ती परीक्षा आयोजित करने पर कोई आपत्ति नहीं दी है।मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वे राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से अनापत्ति प्राप्त होने पर परीक्षा आयोजित कर सकते हैं। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया जा चुका है, सामान्य प्रशासन विभाग ने पहले ही अनापत्ति दे दी है। चूंकि हम वर्तमान याचिकाओं में उठाए गए मुद्दों पर कोई राय नहीं दे रहे हैं, इसलिए हम मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड को भर्ती परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने वाली सभी याचिकाओं का निपटारा करते हैं और पीएससी की अनापत्ति का प्रश्न कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा परीक्षा आयोजित करने में आड़े नहीं आएगा।