कभी बॉलीवुड से कॉर्पोरेट तक था जलवा, एक गलती से आज हो गए कंगाल
बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन के मालिक विजय माल्या का आज है जन्मदिन
नई दिल्ली। यूनाइटेड स्पिरिट और किंगफिशर एयरलाइन के चेयरमैन रह चुके विजय माल्या का आज यानी बुधवार को जन्मदिन है। उनका जन्म 18 दिसंबर 1955 को कोलकाता में हुआ था। किंशफिशर एयरलाइन अब बंद हो चुकी है और यूनाइटेड स्पिरिट कंपनी भी बिक चुकी है। भारतीय बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए लेकर भागे विजय माल्या अब ब्रिटेन में हैं और भारत सरकार उनको भारत लाने के लगातार प्रयास कर रही हैं।
एक समय में बॉलीवुड, खेल और कॉर्पोरेट में विजय माल्या का काफी जलवा था। 2008 में करीब 72 अरब रुपए की संपत्ति के साथ वे विश्व के 962वें सबसे धनी शख्स थे। लेकिन अब विजय माल्या सब कुछ खो चुके हैं। उनकी संपत्तियों की वसूली अभी भी चल रही है। भारत सरकार ने बताया था कि विजय माल्या से कुल 22,280 करोड़ की संपत्ति वसूली गई है। माल्या को शराब कारोबार विरासत में अपने पिता विट्ठल माल्या से मिला था। विजय माल्या ने यूबी समूह का विस्तार किया और इसे एक बहुराष्ट्रीय संगठन बना दिया था, उनके नेतृत्व में समूह ने शराब उद्योग में महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की थी।
विजय माल्या ने भारत के बड़े संस्थानों से चुनिंदा लोगों को अपने व्यापार में शामिल किया और शराब के कारोबार को कार्पोरेट में बदल दिया। माल्या ने भारत के अलावा विदेशों में भी कई संपत्तियां खरीदीं थी। लंदन के सबसे पॉश इलाके में एक घर है। इसे माल्या ने 180 करोड़ में खरीदा था। इंग्लैंड के हर्टफोर्डशायर में भी माल्या के पास एक हवेली है, जिसमें माल्या के बेटे ने शादी की थी। 2015 में इसे 116 करोड़ रुपए में खरीदा था।
विजय माल्या ने 1986 में समीरा त्याबजी से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता 1987 में खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने 1993 में रेखा से दूसरी शादी की, जिससे उनके तीन बच्चे- सिद्धार्थ, लेयन्ना और तान्या हैं। माल्या ने 2002 और 2010 में कर्नाटक से राज्यसभा के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था। विजय माल्या ने 2003 में किंगफिशर एयरलाइंस की शुरुआत की थी। वह इस एयरलाइंस को सबसे बड़ा ब्रांड बनाने चाहते थे। किंगफिशर को सबसे बड़ी एयरलाइंस बनाने के लिए उन्होंने 2007 में एयर डेक्कन को 1200 करोड़ रुपए में टेकओवर किया था। उनका यह फैसला ही उन्हें ले डूबा। माल्या को इसका फायदा तो मिला और 2011 में किंगफिशर देश की दूसरी सबसे बड़ी एविएशन कंपनी बन गई, लेकिन बाद में एयर डेक्कन को लेकर माल्या यह तय नहीं कर पाए कि उसका संचालन किस तरीके से किया जाए। कंपनी लगातार घाटे में चलती रही। एयर डेक्कन तो डूबी ही साथ ही किंगफिशर को भी ले डूबी। एयरलाइंस को चलाने के लिए विजय माल्या ने बहुत ज्यादा कर्ज ले लिया। अक्टूबर 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस बंद हो गई। तब तक माल्या पर कर्ज इतना बढ़ गया कि वह उसे चुकाने में असमर्थ थे और वे भारत छोड़कर भाग गए और विदेश में बस गए तब से वह विदेश में ही हैं।