Apple Watch फ्री में देने का वादा कर लोगों को रोज दौड़ाया, अब वे कह रहे- ‘स्कीम नहीं स्कैम है’

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नई दिल्ली। Free Apple Watch ‘स्कैम’ से सोशल मीडिया भरा पड़ा है. कई सारे यूजर्स पूरी स्कीम को ‘फर्जी’ बता रहे हैं. स्कीम देने वाले HDFC Ergo को बुरा-बुरा कह रहे हैं. पैसा तो छोड़िए पूरे सब्सक्रिप्शन के रद्द होने के मेल साझा कर रहे. वैसे इस स्कीम का Apple से कोई लेना-देना नहीं है. पिछले साल नवंबर और दिसंबर में Free Apple Watch वाली एक स्कीम भारत में आई. रोज के 15000 कदम चलो और अपनी एप्पल वॉच के पूरे पैसे वापस ले जाओ. एप्पल वॉच भले 40 हजार वाली हो या 1 लाख वाली. पैसा वापसी का जुगाड़ था. स्कीम का जलवा ऐसा कि आलसी और महाआलसी तो छोड़िए आलसी प्रो मैक्स भी कदमताल करने लगे. ‘मेरी पहली एप्पल वॉच’ वाली रील्स से इंस्टा फीड भर गई. लगा जैसे पूरा इंडिया ही स्वस्थ होने की राह पर चल पड़ा था. मगर अब इस स्कीम में ‘स्कैम’ की बात सामने आ रही।

 

फ्री एप्पल वॉच स्कीम या ‘स्कैम’

आगे बढ़ने से पहले एक बात जान लीजिए। इसी स्कीम और इसके कथित स्कैम का एप्पल से कोई लेना-देना नहीं है. कंपनी ने या कंपनी के आधिकारिक स्टोर ने ऐसी कोई स्कीम लॉन्च नहीं की थी. इस स्कीम को कंपनी के प्रीमियम रिटेल स्टोर और HDFC Ergo ने बाजार में उतारा था. HDFC ERGO एक जनरल इन्श्योरेन्स कंपनी है जो भारत के HDFC बैंक और जर्मन ERGO International का साझा उपक्रम है. बात करें इस स्कीम की तो यूजर को Zopper ऐप डाउनलोड करना पड़ता था. अपने बैंक डिटेल्स समेत कई निजी जानकारियां साझा करना होती थीं.इसके साथ Apple Watch का पूरा पैसा पहले ही देना पड़ता था. इसके बाद हर महीने रोजाना 15000 कदम (लगभग 12 किलोमीटर) चलो और अपने पैसे वापस ले लो. सब्सक्रिप्शन को 12 महीने की EMI में बांट दिया जाता था. एक किस्म की रिवर्स EMI समझ लीजिए. जिस महीने नहीं चले उस महीने नहीं मिलेगा. वॉच खरीदने के 15 महीने बाद तक पैसा क्लैम किया जा सकता था. जो आप 15000 कदम नहीं भी चले तो भी पैसा वापस होने का जुगाड़ था, मगर स्लैब के हिसाब से. मतलब 100 फीसदी से 10 फीसदी रकम वापस आ सकती थी।

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