इस्लामाबाद। पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी पर आतंकी साए की आहट सुनाई दे रही है। यहां 19 फरवरी से चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत हो रही है। इससे पहले आतंकियों की नजरे इस मैच पर टिक गई हैं। 25 फरवरी को लंदन के लार्ड्स क्रिकेट मैदान के बाहर तालिबान (अफगानिस्तान) की टीम के खिलाफ प्रदर्शन होगा। यह प्रदर्शन तालिबान में महिलाओं की आजादी को लेकर होगा। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन बहाना है, अफगानिस्तान-इंग्लैंड क्रिकेट मैच को टारगेट करना असल निशाना है। हम 26 फरवरी को सुबह 9 बजे होने वाले मैच से पहले 25 फरवरी को इंग्लैंड बनाम अफगानिस्तान मैच का विरोध करेंगे। हम अफगानिस्तान में महिलाओं पर तालिबान के क्रूर और बढ़ते उत्पीड़न पर आपत्ति जताते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों में कहा गया है कि आईसीसी के नियमों के अनुसार, सदस्य देशों को महिला क्रिकेट का समर्थन करना चाहिए। वर्तमान में तालिबान अफगानिस्तानी महिलाओं को शिक्षित होने, सार्वजनिक रूप से बोलने, यहां तक कि अपने घर में पढ़ते या गाते हुए सुनने या खिड़कियों से दिखने की अनुमति नहीं देता है। चैंपियनशिप ट्रॉफी में इंग्लैंड को अफगानिस्तान के खिलाफ मैच खेलने में सिर्फ 18 दिन बचे हैं। महिलाओं ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड से बार-बार अपील की है कि इंग्लिश टीम अफगानी महिलाओं पर क्रूरतापूर्वक अत्याचार किए जाने के खिलाफ में अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम का बहिष्कार करे।
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