मप्र भाजपा अध्यक्ष की रेस में दो नए नाम शामिल, नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी और सीधी से विधायक व पूर्व सांसद रीती पाठक के नामों पर भी चर्चा तेज
नर्मदापुरम । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव एक माह टलने के बाद अब जल्द ही होली के पहले हो सकता है। प्रदेश अध्यक्ष चुनाव के लिए चुनाव अधिकारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जल्द भोपाल आ सकते हैं। जैसे-जैसे समय आगे बढ रहा है नामों की फेहरिस्त में दावेदारों के नाम बढते जा रहे हैं। अब दो नाम तेजी से आगे बढे हैं। सूत्रों की मानें तो किसान नेता के नाम से पहचाने जाने वाले नर्मदापुरम सांसद व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी और सीधी की पूर्व सांसद व ब्राम्हण चेहरा वर्तमान विधायक श्रीमती रीती पाठक के नाम पर भी केंद्रीय नेतृत्व चर्चा कर रहा है। सूत्रों की माने तो सीनियर सांसद होते हुए भी रीती को मंत्री नहीं बनाया गया था, संभवत: उन्हें इस कारण ही रोककर रखा गया होगा। दिल्ली में महिला मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से उनका नाम तेजी से आगे बढा है। दरअसल, भाजपा महिलाओं को अपने पक्ष में लगातार बनाए रखने के लिए ऐसा कर सकती है। वहीं नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी के लिए भाजपा सूत्रों का कहना है कि उनके पास पूरे प्रदेश में जमा जमाया नेटवर्क है और किसान मोर्चा का अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने पूरे प्रदेश में इतने दौरे किए हैं कि उन्हें पूरा प्रदेश जानता है और दूसरा वह पूर्णकालिक नेता हैं और संसद मेंं अपने प्रदर्शन से वह केंद्रीय नेतृत्व के चेहते बने हुए हैं।
कौन हैं नर्मदापुरम से लोकसभा टिकट पाने वाले किसान नेता दर्शन सिंह?
लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 195 नाम हैं। इन नामों में एमपी की 29 सीटों में से 24 सीटों पर उम्मीदवारों के भी नाम हैं। इसमें एक नाम नर्मदापुरम सीट से किसान नेता दर्शन सिंह का है। मूलतः बनखेड़ी के ग्राम चादौन के निवासी दर्शन सिंह किरार धाकड़ समाज से आते हैं। उन्हें पूर्व सीएम शिवराज सिंह का करीबी माना जाता है।
दर्शन सिंह ने 2001 में सरकारी संविदा शिक्षक के पद पर रहकर शिक्षकों की आवाज़ को भी बुलन्द किया। शिक्षक संगठन बनाकर आंदोलन भी किया, जिसके चलते उन्हें 4 बार जेल भी जाना पड़ा। हालांकि बाद में सरकारी नौकरी छोड़ दी। उन्होंने किसानों के लिये लड़ने की तैयारी की और वे किसान संघ से जुड़ गए। किसान संघ में ब्लाक अध्यक्ष से लेकर प्रदेश मंत्री पद पर रहकर किसानों के लिये आंदोलन किये और जेल गए।